शनिवार, 4 नवंबर 2017

doha

शब्द 
शब्द करें नि:शब्द यदि, रहें समाहित भाव।
शब्द करें स्तब्ध यदि, निहित न उनमें चाव।।
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शब्द बनें मरहम कभी, कभी लगाते घाव।
शब्द चुनौती दे रहे, शब्द लगाते दाँव
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शब्द मरे को जिलाते, शब्द दिलाते जीत
शब्द जिए को मारते, शब्द बढ़ाते प्रीत
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शब्द नमन-वंदन बनें, शब्द बने भुजहार
शब्द नदी जलधार हैं, शब्द नाव-पतवार
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शब्द अक्षरों से बनें, शब्द बनाते वाक्य
शब्द राम-रावण-सिया, शब्द सुजाता-शाक्य
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salil.sanjiv@gmail.com, ७९९५५५९६१८
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