शनिवार, 4 नवंबर 2017

naye chhand 24

हिन्दी के  नए छंद २४ 
*
प्रस्तुत छंद के समान मात्रिक-वर्णिक पदभार गति-यति युक्त छंद यदि आपने पढ़े हों तो कृपया, उनका सन्दर्भ, विधान व उदाहरण salil.sanjiv@gmail.com पर भेजें। 
नव रचनाकार इन छंदों का अभ्यास करें। 
मिटाया अँधेरा, उअगाया सवेरा, उषा ने जलाया, नया दीप आ। 
नहीं देर से आ, नहीं शीघ्र जाता, न माँगे मजूरी कभी सूर्य दा।।
न तो धूप भागे, नहीं छाँव माँगे, न छोड़े अधूरा, कभी काम को-
हुई साँझ बैठो, किया क्या? न लेखो, करो काम पूरा भले रात हो।।
***
salil.sanjiv@gmail.com, ७९९९५५५९६१८
www.divyanarmada.in, #हिंदी_ब्लॉगर

कोई टिप्पणी नहीं: