रविवार, 17 दिसंबर 2017

दोहा दुनिया-शिव

शिव देवों के देव हैं,
झुकते किन्नर-यक्ष.
मनु-दनु, नभ-जलचर नमित,
पूजें भूत सुदक्ष.
.
देव वही जो दे सके,
याचक को कुछ दान.
महादेव सर्वस्व दें,
हो प्रसन्न वरदान.
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रास-लास-परिहास शिव,
क्रोध, नाश, निर्माण.
प्राण फ़ूँकते सदाशिव,
शिव करते निष्प्राण.
.
नाद-ताल, स्वर लय-विलय,
गति-यति, धुन-आलाप.
अक्षर-शब्द, निशब्द शिव,
रव-नीरव, वर-शाप.
.
शिव की सत्ता सनातन,
काल-व्याल निरपेक्ष.
शिवा अमिट शिव-शक्ति हैं,
शंका-अरि सापेक्ष.
...
17.12.2017

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