मंगलवार, 19 दिसंबर 2017

navgeet

नव गीत: 
नए साल को 
आना है तो आएगा ही 

करो नमस्ते 
या मुँह फेरो
सुख में भूलो
दुःख में टेरो
अपने सुर में गाएगा ही
नए साल को
आना है तो आएगा ही
.
एक दूसरे
को मारो या
गले लगाओ
हँस मुस्काओ
दर्पण छवि दिखलायेगा ही
नए साल को
आना है तो आएगा ही
.
चाह न मिटना
तो खुद सुधरो
या कोसो जिस-
तिस को ससुरों
अपना राग सुनायेगा ही
नए साल को
आना है तो आएगा ही
.

१९.१२.२०१४ 

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