रविवार, 17 दिसंबर 2017

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राष्ट्र निर्माता सरदार पटेल
जन्म- ३१.१०.१८७५, नाडियाद, बंबई रेसीड़ेंसी (अब गुजरात), आत्मज- लाड बाई-झबेर भाई पटेल, पत्नी- झबेर बा, भाई- विट्ठल भाई पटेल, शिक्षा- विधि स्नातक १९१३, पुत्री- मणि बेन पटेल, पुत्र- दया भाई पटेल, निधन- १५ दिसंबर १९५०। १९१७- सेक्रेटरी गुजरात सभा, १९१८- कैरा बाढ़ के बाद 'कर नहीं' किसान आन्दोलन, असहयोग आन्दोलन हेतु ३ लाख सदस्य बनाये, १.५० लाख रूपए एकत्र किए, १९२८ कर वृद्धि विरोध बारडोली सत्याग्रह, १९३० नमक सत्याग्रह कारावास, १९३१ गाँधी-इरविन समझौता मुक्ति, कोंग्रेस अध्यक्ष कराची अधिवेशन, १९३४ विधायिका चुनाव, नहीं लदे, दल को जयी बनाया, १९४२ भारत छोडो, गिरफ्तार, १९४५ रिहा, १९४७ गृह मंत्री भारत सरकार, ५६२ रियासतों का एकीकरण, १९९१ भारत रत्न। 
गीत- 
राजनीति के 
रंगमंच पर 
अपनी आप मिसाल थे.
गोरी सत्ता 
रौंद अस्मिता भारत की मदमाती थी.
लौह पुरुष की 
राष्ट्र भक्ति से डर जाती, झुक जाती थी.
भारत माँ के 
कंठ सुशोभित 
माणिक-मुक्त माल थे. 
.  
पैर जमीं पर जमा 
हाथ से छू पाए आकाश को.
भारत माँ की 
पराधीनता के, तोड़ा हर पाश को.
तिमित गुलामी 
दूर हटाया 
जलती हुई मशाल थे.
आम आदमी की 
पीड़ा को सके मिटा सरदार बन.
आततायियों से 
जूझे निर्भीक सबक किरदार बन. 
भारतवासी 
तुम सा नेता  
पाकर हुए निहाल थे.
१५-१२-२०१७ 

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