बुधवार, 23 अगस्त 2017

baal geet

बाल गीत 
पीहू 
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रुन-झुन करती आई पीहू
सब बच्चों को भाई पीहू।

बादल गरजे, तनिक न सहमी।
बरखा लख मुस्काई पीहू।

चम-चम बिजली दूर गिरी तो,
उछल-कूद हर्षाई पीहू।

गिरी-उठी, पानी में भीगी।
गुइयों सहित नहाई पीहू।

मैया ने जब डाँट दिया तो-
मचल-रूठ-गुस्साई पीहू ।

छप-छप खेले, ता-ता थैया।
मेंढक के संग धाई पीहू।


'सलिल' धार से भर-भर अंजुरी।
भिगा-भीग मस्ताई पीहू।

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salil.sanjiv@gmail.com
http://divyanarmada.blogspot.com
#हिंदी_ब्लॉगर

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