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शुक्रवार, 25 अगस्त 2017

doha-soratha

आज का दोहा
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मुल्ला जी ने मुर्गियाँ, जमकर करीं हलाल।
अब न हाथ लग सकेंगी, मन में आज मलाल।।
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मुल्ला चाहें हलाला, इज़्ज़त करें हलाक़।
गयी हाथ से औरतें, अगर न रहा तलाक़।।
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आज का सोरठा
घर का मालिक आज, महीनों बाद न पिट रहा।
नहीं पद रही डाँट, रखे हुए व्रत मालकिन।।
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आज तनिक आराम, बेलन-झाड़ू को मिला।
बार-बार हो तीज, मन रहे हैं ईश से।।
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