बुधवार, 11 जुलाई 2018

geet

गीत:
अविनाश ब्योहार 
*
सौंधी सौंधी
गंध उठ रही
माह जुलाई है!

आ गया 
मौसम काली
घटाओं का!
बाग में 
बिखरी मोहक
छटाओं का!!

शिखरों के
मुखड़ पे चिपकी
हुई लुनाई है!

डैने फैलाये
अब्र उड़
रहे हैं!
फुहार लगे
गूंगे का
गुड़ रहे हैं!!

वर्षा के पानी
की सरिता करे
ढुलाई है!
*
रायल एस्टेट, माढ़ोताल, कटंगी रोड
जबलपुर  ९८२६७९५३७२  

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