रविवार, 15 अक्तूबर 2017

muktak

छंद चर्चा:
अधर पर धर अधर, कर आधार, बन आधार प्रिय तू!
नजर पर रख नजर, कर स्वीकार, बन सिंगार प्रिय तू!!
सृजन-पथ कर वरण, गति-लय-भाव, हो झंकार प्रिय तू!
डगर पर रख चरण, भव-भय हरण, है ओंकार प्रिय तू!!

इस रचना के छंद का नाम, विधान, विधा का नाम आदि बताइए।
***
salil.sanjiv@gmail.com, ९४२५१८३२४४
http://divyanarmada.blogspot.com
#hindi_blogger

कोई टिप्पणी नहीं: