बुधवार, 18 अक्तूबर 2017

hindi ke naye chhand 13 amarkantak chhand

हिन्दी के नये छंद १३ 
अमरकंटक छंद  
विधान-
1. प्रति पंक्ति 7 मात्रा
2. प्रति पंक्ति मात्रा क्रम लघु लघु लघु गुरु लघु लघु
गीत
नरक चौदस
.
मनुज की जय  
नरक चौदस
.
चल मिटा तम
मिल मिटा गम
विमल हो मन
नयन हों नम
पुलकती खिल
विहँस चौदस  
मनुज की जय
नरक चौदस
.
घट सके दुःख
बढ़ सके सुख
सुरभि गंधित 
दमकता मुख
धरणि पर हो 
अमर चौदस 
मनुज की जय  
नरक चौदस
.
विषमता हर
सुसमता वर
दनुजता को
मनुजता कर
तब मने नित 
विजय चौदस  
मनुज की जय  
नरक चौदस
.
मटकना मत
भटकना मत
अगर चोटिल
चटकना मत
नियम-संयम
वरित चौदस
मनुज की जय  
नरक चौदस
.
बहक बादल
मुदित मादल
चरण नर्तित 
बदन छागल
नरमदा मन
'सलिल' चौदस 
मनुज की जय  
नरक चौदस
.......
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