गुरुवार, 26 अक्तूबर 2017

nav kundaliya

नव कुण्डलिया, nav kundaliya, 
रात जा रही, उषा आ रही
उषा आ रही, प्रात ला रही
प्रात ला रही, गीत गा रही 
गीत गा रही, मीत भा रही
मीत भा रही, जीत पा रही
जीत पा रही, रात आ रही
*
गुप-चुप डोलो, राज न खोलो
राज न खोलो, सच मत तोलो
सच मत तोलो,मन तुम सो लो
मन तुम सो लो, नव रस घोलो
नव रस घोलो, घर जा सो लो
घर जा सो लो, गुप-चुप डोलो
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salil.sanjiv@gmail.com, ९४२५१८३२४४, ७९९९५९६१८ 
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