सोमवार, 30 अक्तूबर 2017

hindi ke naye chhand 20

हिंदी के नए छंद २०
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इस छंद को पहचानिए।
छंद की मात्रिक / वार्णिक जाति/उपजाति , लक्षण, नाम आदि बताएँ।
यह छंद अन्यत्र कहीं पढ़ा हो तो कृपया, वह छंद या उसका सन्दर्भ दें।
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न तोड़ें घरौंदे, न काटे वनों को, न खोदें पहाड़ी सरे-आम।
न हल्ला मचाएँ, धुँआ भी न फैला, करें गन्दगी भी न मैं-आप
न पूरे तलैया, न तालाब पाटें, नदी को न मैली करें आप।
न रूठे धरा ये, न गुस्सा करें मेघ, इंसां न पाए कहीं शाप
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विश्व वाणी हिंदी साहित्य-शोध संस्थान
salil.sanjiv@gmail.com, ७९९९५५९६१८
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