शनिवार, 29 सितंबर 2018

kundaiya,

कार्य शाला 
कुंडलिया = दोहा + रोला 
*
दोहा २ x १३-११, रोला ४ x ११-१३
*
दर्शन लाभ न हो रहे, कहाँ लापता हूर? १.
नज़र झुकाकर देखते/ नहीं आपसे दूर। २. 
नहीं आपसे दूर, न लेकिन निकट समझिये १.
उलझ गयी है आज पहेली विकट सुलझिए
'सलिल' नहीं मिथलेश कृपा का होता वर्षण
तो कैसे श्री राम सिया का करते दर्शन?
***

कोई टिप्पणी नहीं: