गुरुवार, 28 जून 2018

बरसाती गीत

गीत:
कजरारे बादल
अविनाश ब्योहार 
*
अंबर पर
छा रहे हैं
कजरारे बादल। 

नाच रहे हैं
मोर बागन में,
छम-छम बरसीं
बूँदें आँगन में। 
पत्र मेह के
बाँट रहे हैं
हरकारे बादल 

मौसम में हरियाली ने
है रंग भरा,
दुबली-पतली नदिया
का है अंग भरा। 
फटी धरा की
प्यास बुझाये
मतवारे बादल 
*
रायल एस्टेट, माढ़ोताल,
कटंगी रोड, जबलपुर।

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