रविवार, 25 मार्च 2018

चित्र अलंकार: झंडा / फागुन


फागुन
[ चित्र अलंकार: झंडा ]
*
ठण्ड के आलस्य को अलविदा कहकर 
बसंती उल्लास को ले साथ, मिलकर- 
बढ़ चलें हम ज़िदगी के अगम पथ पर
आम के बौरों से जग में फूल-फलकर.
रुक
नहीं
जाएँ,
हमें
मग
देख
कर,
पग
बढ़ाना है.
जूझ बाधा से
अनवरत अकेले
धैर्य यारों आजमाना है.
प्रेयसी मंजिल नहीं मायूस हो,
कहीं भी हो, खोज उसको आज पाना है.

आओ! पहनो बसंती चोला, फागुन मनाना है.
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salil. sanjiv@gmailcom, ७९९९५५९६१८
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