शारद वंदना
छंद - हरिगीतिका
मापनी - लघु लघु गुरु लघु गुरु
*
कर शारदे! इतनी कृपा, नित छंद का, नव ग्यान दे
रस-भाव का, लय-ताल का, सुर-तान का, अनुमान दे
सपने पले, शुभ मति मिले, गति-यति सधे, मुसकान दे
विपदा मिटे, कलियाँ खिलें, खुशियाँ मिलें, नव गान दे
*
संजीव
६-६-२०२०
छंद - हरिगीतिका
मापनी - लघु लघु गुरु लघु गुरु
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कर शारदे! इतनी कृपा, नित छंद का, नव ग्यान दे
रस-भाव का, लय-ताल का, सुर-तान का, अनुमान दे
सपने पले, शुभ मति मिले, गति-यति सधे, मुसकान दे
विपदा मिटे, कलियाँ खिलें, खुशियाँ मिलें, नव गान दे
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संजीव
६-६-२०२०
1 टिप्पणी:
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