गुरुवार, 6 जुलाई 2017

muktak

मुक्तक:
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भारती की आरती है शुभ प्रभात
स्वच्छता ही तारती है शुभ प्रभात
हरियाली चूनर भू माँ को दो- 
मैया मनुहारती है शुभ प्रभात
झुक बुजुर्ग से आशिष लेना शुभ प्रभात है 
छंदों में नव भाव पिरोना शुभ प्रभात है 
आशा की नव फसलें बोना शुभ प्रभात है 
कोशिश कर अवसर ना खोना शुभ प्रभात है 
गरज-बरसकर मेघ, कह रहे शुभ प्रभात है 
योग भगाए रोग करें, कह शुभ प्रभात है 
लगा-बचाकर पौध, कहें हँस शुभ प्रभात है 
स्वाध्याय कर, रचें नया कुछ शुभ प्रभात है 

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#हिंदी_ब्लॉगर 

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