शुक्रवार, 20 मार्च 2009

भक्ति गीत

प्रो भागवत प्रसाद मिश्र 'नियाज़'

राममय जीवन बनाओ,
राम से ही काम रखो,
राम का ही नाम गाओ...

राम पुरुषोत्तम पुरुष हैं,
राम मर्यादा पुरुष हैं।
अनुकरण उनका करो तुम-
सृष्टि के वे युग पुरुष हैं।

राम के आदर्श धारणकर
सफल जीवन बनाओ...

कौन ऐसा है जिसे पथ में
न बाधाएँ सतायें?
कौन ऐसा है न जिसको
घेरती काली घटायें?

उठो! गोवर्धन उठाकर
कृष्ण का सा बल दिखाओ...

कृष्णमय जीवन बनाओ।
राममय जीवन बनाओ..

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