शुक्रवार, 17 अप्रैल 2015

रेल यात्रा में सुरक्षा हेतु सुझाव

भारतीय रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाने हेतु सुझाव निम्न लिंक पर भेजें:
https://www.localcircles.com/a/home?t=c&pid=6Vuua24BZNcPqKPVCdZX34lNHphEIeon6_3AE3Jd160

१. टिकिट खिड़की पर कतारबद्ध होकर टिकिट क्रय की व्यवस्था हो. संबंधित कर्मचारी के पास फुटकर पैसे (चिल्लर) अवश्य हो. अशक्त, वृद्ध, रोगी व्यक्तियों हेतु अलग कतार हो. 
२. प्रतीक्षालय में इलेक्ट्रोनिक सूचना पटल तथा उद्घोषणा रेलगाड़ियों की अद्यतन जानकारी दें. रेलगाड़ी के आगमन के साथ डब्बा स्थिति सूचक पटल न हो तो डब्बों के क्रमों का ऐलान हो. 
३. प्लेटफोर्म पर हवाई अड्डे की तरह केवल यात्रियों को प्रवेश हो. बिदा करनेवाले बाहर रोके जाएँ. सामान की जांच के साथ तौल भी हो. अनुमति से अधिक वज़न पर प्रभार लें तो आय में वृद्धि होगी. इससे कम सामान लेकर यात्रा की प्रवृत्ति बढ़ेगी.       
४. अल्प विकसित स्टेशनों पर प्लेटफोर्म तथा रेलगाड़ी के डब्बे की ऊंचाई तथा दूरी में बहुत अंतर होता है जो दुर्घटना को आमंत्रण देता है, इसे कम से कम किया जाए. डब्बों में मेट्रो रेलगाड़ियों की तरह स्वचालित तथा हल्के दरवाजे हों तो दरवाजों पर सफर करने और दुर्घटनाग्रस्त होने से बचा जा सकेगा. 
५. प्लेटफोर्म तथा डब्बों में भिखारियों, हिजड़ों तथा अनाधिकृत विक्रेताओं का प्रवेश सख्ती से बंद किया जाए.  
६. डब्बों में द्वार के निकट आरक्षण सूची चिपकाई जाते समय डब्बे के अन्दर टिकिट निरीक्षक, चालक, गार्ड तथा अटेंडेंट का नाम तथा चलभाष क्रमांक चिपकाया ताकि आवश्यकता होने पर उनसे संपर्क हो सके.कर्त्तव्य की अवहेलना करने पर उनके विरुद्ध शिकायत भी की जा सकेगी. 
७. प्लेटफोर्म पर चिकने ग्रेनाइट पत्थर के स्थान पर फिसलनरोधी (anti skid) टाइल का प्रयोग हो.
८. प्लेटफोर्म नीचा हो तो अशक्त जनों के डब्बे में प्रवेश हेतु अस्थायी मजबूत रेलिंग हो जैसी जहाजों में लगाई जाती है. अशक्त जन हेतु शायिका के साथ उसके सहायक हेतु बैठने की व्यवस्था (कुर्सी) हो. 
९. समतल पारण (लेवल क्रोसिंग) पर स्वचालित व्यवस्था हो तथा यातायात रोकने हेतु पाइप के साथ ऐसी व्यवस्था ही कि नीचे से न निकला जा सके. 
१०. विद्युत् तार तथा ट्रांसफोर्मर खुले न हों. ज्वलनशील पदार्थों की जांच कर ले जाने से रोका जाता रहे. 
११.कम वजनी मजबूत डब्बों का निर्माण हो तो इंजिन पर कम भार पड़ेगा, ट्रेन की गति-वृद्धि तथा ईंधन की बचत संभव हो सकेगी. डब्बे के बीच में दोनों और १-१ दरवाजा और हो तो चढ़ते-उतरते समय सामान और यात्रियों की धकापेल कम होगी. 
१२. सेतु होने पर भी पटरियों को पैदल पार करने से यात्रियों को को रोका जाए. भरूच (गुजरात) में कोई भी यात्री पुल पर नहीं जाता और रेलवे कर्मचारी देखते रहते हैं. 
१३. शौचालयों के नीचे मल एकत्र करने हेतु व्यवस्था हो जिसे निर्धारित स्थानों पर खालीकर ट्रीटमेंट प्लांट को भेजा जा सके. 
१४. डब्बों में स्वच्छ पेय जल हेतु अलग नल हो.      
१५. ऊपरी सहायिकाओं पर चढ़ने के लिए गोल पाइप के स्थान पर चौकोर पाइप की सीढ़ी हो, जिस पर पैर जम सके.
१६. डब्बों में आगामी स्टेशन संबंधी स्वचालित उद्घोषणा हो. वातानुकूलित डब्बों में रात के समय यह आवश्यक है.
१७. आपात स्थिति में चालक / गार्ड को सूचित कर सकने हेतु उनके स्थानों पर चलभाष हों जिनके क्रमांक दरवाजों के निकट अंकित हों.
१८. खिडकियों के कांच पर पत्थरबाजी की को रोकने के लिए कांच के बाहर जाली की व्यवस्था हो. 
१९. व्हील चेयर्स तथा ट्रोलियों की उपलब्धता बढ़ाई जाए
२०. डब्बे में प्रवेश के पूर्व अनुमति से अधिक सामान लगेजवान में जमाकर पावती दी जाए तथा उतरते समय पावती देखकर वापिस किया जाए.
२१.लम्बी दूरी की गाड़ियों में शौचालय में शोवर तथा हो.   


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