बुधवार, 2 दिसंबर 2015

laghukatha

लघुकथा
उत्तराधिकारी
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दोपहर संसद में कुछ हनुमानवंशी अशोक वाटिका कांड की पुनरावृत्ति करने लगे।
अध्यक्षता कर रही मंदोदरी ने उन्हें शांत होने की हिदायत दी तो मतभेदों के दशानन और दलीय स्वार्थों के मेघनाथ ने साथ मिलकर मेजें थपथपाना आरम्भ कर दिया।
स्थिति को नियंत्रण से बाहर होते देख राम ने सुविधाओं के सत्ताभिषेक की घोषणा कर दी। तत्काल एकत्र हो गये विभीषण के उत्तराधिकारी ।
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