मंगलवार, 16 जून 2015

muktika: sanjiv

मुक्तिका
संजीव
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अच्छे दिन आयेंगे सुनकर जी लिये
नोट भी पायेंगे सुनकर जी लिये

सूत तजकर सूट को अपना लिया
फ्लैग फहरायेंगे सुनकर जी लिये

रोज झंडा विदेशी फहरा रहे
मन वही भायेंगे सुनकर जी लिये

मौन साधा भाग, हैं वाचाल अब
भाग अजमायेंगे सुनकर जी लिये

चोर-डाकू स्वांग कर हैं एक अब
संत बन जायेंगे सुनकर जी लिये

बात अंग्रेजी में हिंदी की करें
काग ही गायेंगे सुनकर जी लिये

आम भी जब ख़ास बन लड़ते रहें
लोग पछतायेंगे सुनकर जी लिये
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