शनिवार, 13 अक्तूबर 2018

विश्ववाणी हिंदी संस्थान जबलपुर संगठन

ॐ 
विश्ववाणी हिंदी संस्थान जबलपुर  
[जगवाणी हिंदी हेतु समर्पित साहित्यिक, सांस्कृतिक, सामाजिक संस्थाओं का स्वैच्छिक अव्यवसायिक परिसंघ]
o साहित्य संगम संस्थान इंदौर o अभियान जबलपुर o सृजन पथ जबलपुर o  
कार्यालय : समन्वय, ४०१ विजय अपार्टमेंट, नेपियर टाउन, जबलपुर ४८२००१
चलभाष- ७९९९५५९६१८ / ९४२५१८३२४४, ईमेल- salil.sanjiv@gmail.com 
=======
दिशादर्शन
आचार्य कृष्णकांत चतुर्वेदी 
प्रो. चित्रभूषण श्रीवास्तव
पूर्णिमा बर्मन, लखनऊ  
डॉ. सुरेश कुमार वर्मा 
इंजी. अमरेन्द्र नारायण 
डॉ. इला घोष 
डॉ. बिपिन बिहारी ब्योहार 
डॉ. अरुण श्रीवास्तव 'समर्थगुरु' 
पूर्णेंदु कुमार सिंह, शहडोल 
*
संयोजक-संचालक: आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'
*
कार्यपालन प्रभारी: मन्वन्तर वर्मा 
*
मुख्यालय महासचिव: छाया सक्सेना ७०२४२८५७८८ chhayasaxena2508@gmail.com 
संगठन महासचिव: 
वित्त महासचिव:
प्रचार महासचिव:
केन्द्रीय कार्यकारिणी सदस्य ( सभी प्रकोष्ठ प्रभारी, सभी क्षेत्र प्रभारी, सभी विधा अधिष्ठाता)
 सहयोगी संस्थाएँ:
अभियान
अध्यक्ष: बसंत शर्मा ९४७९३५६७०२, ९७५२४१७९०७,  सचिव मिथलेश बड़गैयाँ२४२५९४२
गीतकार साहित्यकार मंच एटा 
संयोजक संजीव तनहा 

    त्रीय समिति: (क्षेत्राध्यक्ष, सहक्षेत्राध्यक्ष, उप क्षेत्राध्यक्ष, क्षेत्रीय सचिव, क्षेत्रीय सह सचिव, क्षेत्रीय उपसचिव, कार्यकारिणी सदस्य प्रति इकाई १) 
*
प्रकोष्ठ समिति भाषावार: (अधिष्ठाता, सहायक अधिष्ठाता, उपअधिष्ठाता, व्याख्याता, शिक्षक)
हिंदी, बुंदेली, बघेली, छत्तीसगढ़ी, मगही, अंगिका, बज्जिका, मैथिली, मागधी, भोजपुरी, अवधी, बृज, कन्नौजी, मिर्जापुरी, बैसवाड़ी, 
पचेली: विजय बागरी ०९६६९२५१३१९, अखिलेश खरे 'अखिल' ९७५२८६३३६९   
निमाड़ी: सुरेश कुशवाहा 'तन्मय' ९८९३२६६०१४ 
*
प्रकोष्ठ समिति विषय / शाखावार: (अधिष्ठाता, सहायक अधिष्ठाता, उपअधिष्ठाता, व्याख्याता, शिक्षक)
रामकाव्य: डॉ. नीलमणि दुबे शहडोल ९४०७३२४६५० 
यांत्रिकी प्रकोष्ठ- प्रो. शोभित वर्मा ९१९९९३२०१११९ 
*
प्रकोष्ठ समिति विधावार: (अधिष्ठाता, सहायक अधिष्ठाता, उपअधिष्ठाता, व्याख्याता, शिक्षक)
गीत: जयप्रकाश श्रीवास्तव ०७६१ २४२६७८८, ७८६९१९३९२७ 
*
इकाई (अध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सह सचिव, कार्यकारिणी सदस्य २)- न्यूनतम ११ सदस्य बनाने पर। 
जबलपुर 
भोपाल- इंजी. अरुण अर्णव खरे  
नागपुर- वसुंधरा राय ९६२३६९२२५५ 
देहरादून- आभा सक्सेना ९४१०७०६२०७  
मेरठ- आदर्शिनी श्रीवास्तव 
पंचकूला- चंद्रकांता अग्निहोत्री ९८७६६५०२४८  
गुरुग्राम- श्यामल सिन्हा ०१२४ ४३७७७७३, ९३१३१११७१०९ 
कोटा डॉ. गोपाल कृष्ण भट्ट ७७२८८२४८१७, ०७४४ २४२४८१८, ८२०९४८३४७७ 
हैदराबाद- कालिपद प्रसाद ९६५७९२७९३१ 
सिरोही- छगनलाल गर्ग- ९४६१४४९६२०
नई दिल्ली- त्रिभवन कॉल ९८७११९०२५६, प्रेम बिहारी मिश्र ९७११८६०५१९, ओमप्रकाश शुक्ल ९७१७६३४६३१, ९६५४४७७११२, नीता सैनी ८५२७१८९२८९, 
नोएडा- रीता सिवानी ९६५०५३८४७    
लखनऊ- डॉ. हरि फैजाबादी ९४५०४८९७८९  
सहारनपुर- रामेश्वर प्रसाद सारस्वत ९५५७८२८९५० 
डूंगरपुर राज.- विनोद जैन 'वाग्वर' ९६४९९७७८९८१ 
डाल्टनगंज झारखंड श्रीधर प्रसाद द्विवेदी ०७३५२९१८०४४
रांची झारखंड- हिमकर श्याम ८६०३१७१७१०  
भिवंडी- अरुण शर्मा ९६८९३०२५७२, ९०२२०९०३८७   
इंदौर- 
उज्जैन
शिवपुरी, 
दतिया 
डबरा 
ग्वालियर 
रीवा 
कटनी 
उमरिया 
शहडोल 
सिवनी- राम कुमार चतुर्वेदी ९४२५८८८८७६, ७००००४१६१० 
नरसिंगपुर 
मंडला 
दमोह 
सागर 
होशंगाबाद 

भिलाई- शुचि भवि ९८२६८०३३९४ 
ईटानगर- सरस्वती कुमारी ७००५८८४०४६


विश्ववाणी हिंदी संस्थान जबलपुर 

[जगवाणी हिंदी हेतु समर्पित साहित्यिक, सांस्कृतिक, सामाजिक संस्थाओं का स्वैच्छिक अव्यवसायिक परिसंघ]

लोक मानस में लोकभाषा हिंदी के प्रति सम्मान भाव जगाने तथा अंग्रेजी, उर्दू या अन्य भाषाओँ-बोलिओं के अन्धाकर्षण या राजनैतिक द्वेष को समाप्त कर हिंदी भाषा की तकनीकी अभिव्यक्ति क्षमता और रोजगार क्षमता मे वृद्धि, विदेशों मे हिंदी के प्रचार-प्रसार-शिक्षण के दूरगामी लक्ष्यों को लेकर १९७४ में देश के ख्यातिलब्ध चिंतक, दर्शनशास्त्री तथा राजनेता डॉ. राम जी सिंह भागलपुर के मुख्यातिय्ह्य तथा प्रसिद्ध गांधीवादी विचारक ब्योहार राजेन्द्र सिंह जी की अध्यक्षता में  "समन्वय" संस्था की स्थापना संस्कारधानी जबलपुर में शहर कोतवाली के निकट, राजा सागर मार्ग स्थित सुन्दरलाल तहसीलदार (महीयसी महादेवी वर्मा जी के परनाना) के बाड़े में स्थित राज बहादुर वर्मा जेल अधीक्षक के निवास पर की गयी। संस्था के उद्देश्य राजभाषा हिंदी के व्याकरण और छंद-शास्त्र का अध्ययन, किशोरों और युवाओं में सत्साहित्य के प्रति अभिरुचि जाग्रत करना, सांप्रदायिक व जातीय सद्भाव तथा राष्ट्रीयता को प्रोत्साहित करना, दहेज निषेध, आदर्श विवाह कराना, बाल तथा प्रौढ़ शिक्षा आदि थे। समन्वय की नवलेखन गोष्ठी का श्री गणेश ख्यात साहित्यकार रामेश्वर शुक्ल जी अंचल कि अध्यक्षता में किया गया जिसके माध्यम से नगर के कई किशोरों और तरुणों ने अपनी अभिव्क्तियों को तराशा-संवारा।  



कोई टिप्पणी नहीं: