सोमवार, 13 जुलाई 2015

jangeet

जनगीत-
संजीव
*
जागो मेरे देश महान
जागो, जागो भारतवासी!
जागो मेरे देश महान!
*
भारत माता तुम्हें पुकारें
करो मलिनता दूर.
पर्यावरण प्रदूषण कर क्यों
हों आँखें रख सूर?
भू, नभ, पवन, समुद चेताते
हो न स्वार्थ में चूर.
पशुपति सँग केदार रूठते
पल में पर्वत धूर.

माँगो मिल प्रभु से वरदान
आओ, आओ भारतवासी!
होगा फिर से देश महान!
जागो, जागो भारतवासी!
जागो मेरे देश महान!
*
सब दुनिया परिवार हमारा
सबका करना मंगल.
क्षुद्र स्वार्थों-सत्ता खातिर
करें न मनुज अमंगल.
अगली सदी सुमानव की हो
फिर हरियाएं जंगल.
बहुत हुआ अब अधिक न हो
मानव-मानव में दंगल
.
हम सब हों सद्गुण की खान
आओ, आओ भारतवासी!
होगा फिर से देश महान!
जागो, जागो भारतवासी!
जागो मेरे देश महान!
*

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