गुरुवार, 7 फ़रवरी 2019

नवगीत: कौन कहे?

नवगीत:
कौन कहे? 
*
कल क्या होगा? 
कौन बचेगा? कौन मरेगा?
कौन कहे?

आज न डरकर 
कल की खातिर
शिव मस्तक से फिर 
बहे बहे 
.
कल क्या थे?
यह सोच-सोचकर
कल कैसे गढ़ पाएंगे?
.
दादा चढ़े
हिमालय पर
क्या हम भी कदम बढ़ाएंगे?
.
समय
सवाल कर रहा
मिलकर उत्तर दें
.
चुप रहने से
प्रश्न न हल
हो पाएंगे।

***
७.२.२०१५ 

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