गुरुवार, 21 फ़रवरी 2019

कौन हूँ मैं?

भारतीय का परिचय:
कौन हूँ मैं?...
संजीव 'सलिल'
*
क्या बताऊँ,

कौन हूँ मैं?
नाद अनहद

मौन हूँ मैं.

दूरियों को नापता हूँ.
दिशाओं में व्यापता हूँ.
काल हूँ कलकल निनादित
कँपाता हूँ, काँपता हूँ.


जलधि हूँ, नभ हूँ, धरा हूँ.
पवन, पावक, अक्षरा हूँ.
निर्जरा हूँ, निर्भरा हूँ.
तार हर पातक, तरा हूँ..


आदि अर्णव सूर्य हूँ मैं.
शौर्य हूँ मैं, तूर्य हूँ मैं.
अगम पर्वत कदम चूमे.
साथ मेरे सृष्टि झूमे.


ॐ हूँ मैं,

व्योम हूँ मैं.
इडा-पिंगला,

सोम हूँ मैं.

किरण-सोनल साधना हूँ.
मेघना आराधना हूँ.
कामना हूँ, भावना हूँ.
सकल देना-पावना हूँ.


'गुप्त' मेरा 'चित्र' जानो.
'चित्त' में मैं 'गुप्त' मानो.
अर्चना हूँ, अर्पिता हूँ.
लोक वंदित चर्चिता हूँ.


प्रार्थना हूँ,

वंदना हूँ.
नेह-निष्ठा

चंदना हूँ.

ज्ञात हूँ, अज्ञात हूँ मैं.
उषा, रजनी, प्रात हूँ मैं.
शुद्ध हूँ मैं, बुद्ध हूँ मैं.
रुद्ध हूँ, अनिरुद्ध हूँ मैं.


शांति-सुषमा नवल आशा.
परिश्रम-कोशिश तराशा.
स्वार्थमय सर्वार्थ हूँ मैं.
पुरुषार्थी परमार्थ हूँ मैं.


केंद्र, त्रिज्या हूँ,

परिधि हूँ.
सुमन पुष्पा हूँ,

सुरभि हूँ.

जलद हूँ, जल हूँ, जलज हूँ.
ग्रीष्म, पावस हूँ, शरद हूँ.
साज, सुर, सरगम सरस हूँ.
लौह को पारस परस हूँ.


भाव जैसा तुम रखोगे

चित्र वैसा ही लखोगे.
स्वप्न हूँ, साकार हूँ मैं.
शून्य हूँ, आकार हूँ मैं.


संकुचन-

विस्तार हूँ मैं.
सृष्टि का

व्यापार हूँ मैं.

हिंस्र खातिर काल हूँ मैं
हलाहल की ज्वाल हूँ मैं
कभी दुर्गा, कभी काली
दनुज-सर की माल हूँ मैं

चाहते हो स्नेह पाओ.
सृष्ट में हो लीन जाओ.

द्वेष, हिंसा भूल जाओ.
रागिनी जग में गुँजाओ.

जलधि जल की
धार हूँ मैं
हिंद-हिंदी

सार हूँ मैं.

कायरों की मौत हूँ मैं
सज्जनों हित ज्योत हूँ मैं
नर्मदा हूँ, वर्मदा हूँ.
धर्मदा हूँ, कर्मदा हूँ.

कभी कंकर, कभी शंकर.
कभी सैनिक कभी बंकर.

दहशतगर्दों! मौत हूँ मैं.
ज़िंदगी की सौत हूँ मैं.

सुधर आओ
शरण हूँ मैं.
सिर रखो

शिव-चरण हूँ मैं.

क्या बताऊँ,
कौन हूँ मैं?
नाद अनहद

मौन हूँ मैं.

*****

कोई टिप्पणी नहीं: