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शनिवार, 22 अप्रैल 2017

chhand-bahar

छन्द बहर का मूल है ९ 
मुक्तिका:
संजीव
*
पंद्रह वार्णिक, अति शर्करी जातीय सीता छंद.
छब्बीस मात्रिक महाभागवत जातीय गीतिका छंद  
मात्रा क्रम -२१२.२/२१.२२/२.१२२./२१२ 
गण सूत्र-रतमयर 
बहर- फाइलातुन फाइलातुन फाइलातुन फाइलुन 
*
कामना है रौशनी की भीख दें संसार को
मनुजता को जीत का उपहार दें, हर हार को
सर्प बाधा, जिलहरी है परीक्षा सामर्थ्य की
 नर्मदा सा ढार दें शिवलिंग पर जलधार को
कौन चाहे मुश्किलों से हो कभी भी सामना
नाव को दे छोड़ जब हो जूझना मँझधार को
भरोसा किस पर करें जब साथ साया छोड़ दे
नाव से खतरा हुआ है हाय रे पतवार को
आ रहे हैं दिन कहीं अच्छे सुना क्या आपने?
सूर्य ही ठगता रहा जुमले कहा उद्गार को
 २३-०७-२०१५
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