गुरुवार, 20 अप्रैल 2017

chhand-bahar 7

​ॐ 
छंद बहर का मूल है: ७ 
 *
छंद परिचय:
संरचना: SIS SIS IS / SISS ISIS
सूत्र: ररलग।
आठ वार्णिक अनुष्टुप जातीय              छंद।
तेरह मात्रिक भागवत जातीय उल्लाला छंद।
बहर: फ़ाइलुं 
फ़ाइलुं फ़अल / फ़ाइलातुं मुफ़ाइलुं ।
*
देवता है वही सही
जो चढ़ा वो मँगे नहीं
*
बाल सारे सफेद हैं
धूप में ये रँगे नहीं
*
लोग ईसा बनें यहाँ
सूलियों पे टँगे नहीं
*
दर्द नेता न भोगता
सत्य है ये सभी कहीं
*
आम लोगों न हारना
हिम्मतें ही जयी रहीं
 *
SISS ISIS
जी न चाहे वहीं चलो    
धार ही में बहे चलो   
*
दूसरों की न बात हो 
हाथ खाली मले चलो   
*
छोड़ भी दो तनातनी 
ख्वाब हो तो पले चलो  
*
दुश्मनों की निगाह में  
शूल जैसे चुभे चलो 
*
व्यर्थ सीना न तान लो 
फूल पाओ झुके चलो 
 *
 ***
१९.४.२०१७
***

कोई टिप्पणी नहीं: