शुक्रवार, 3 मई 2019

मुक्तिका

मुक्तिका  
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मत अपना खुद गुणगान करो 
क्यों खुद पर तुम अभिमान करो 
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जनतंत्र कहे कर्तव्य वरो 
मत-दान करो, मतदान करो 
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भू पर वन-उपवन रहने दो 
तरु काट नहीं शमशान करो 
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जैसी करनी, वैसी भरनी 
सोचो खुद को गुणवान करो 
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देखो परखो सीखो मानो
मत आदम को भगवान करो  
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