बुधवार, 26 दिसंबर 2018

क्षणिका

एक क्षणिका
*
पहले दिखी 
फिर मिली-जुली
हँस कली खिली
झट साँझ ढली
कर बंद गली
'मी टू' बोली अगली।
***


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