बुधवार, 1 मई 2019

हाईकु, haiku


श्रद्धा सहित
*
वृष देव को
नमन मनुज का
सदा छाँव दो
*
'सलिल' सुमिर
प्रभु पद पद्मों को
बन भ्रमर
*
सब में रब
कभी न भूलना
रब के सब
*
ईंट-रेट का
मंदिर मनहर
ईश लापता
*
मितवा दूँ क्य?
क्षण भंगुर जग
भौतिक सारा
*
है उद्गाता
मनुज धरम की
भारत माता
*
(रचना काल १९९८)

कोई टिप्पणी नहीं: