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सोमवार, 6 अप्रैल 2020

शिव परमात्मा

शिव परमात्मा !
* वो निराकार हैं , ज्योतिर्लिंगम ----ज्योति पुंज हैं !
* वो सूक्ष्म से सूक्ष्म हैं हर किसी की आत्मा में उनका निवास है !
* मंदिरों में उनका उनका अंडाकार शिव लिंग ब्रह्माण्ड का प्रतीक है जिनके अंदर समस्त सृष्टि समायी है !
* गीता में जो कहा है -की वो सूक्ष्म से सूक्ष्म हैं वो विशाल से
विशाल हैं वो निराकार परमात्मा के लिए है ---शिव ही निराकार
परमात्मा हैं ---दूसरा कोई और नहीं !
* ॐ उनका एक अक्षर का नाम है यह अक्षर इसलिए है यह नाम
कभी समाप्त नहीं होगा ---आपका कंठ थक जायेगा लेकिन ॐ
नहीं , क्यों की इसमें समस्त स्वरों का संगम है - पृथ्वी या अन्य ---ग्रहों के घूर्णन से जो ध्वन्यात्मक नाद उतपन्न होता है वो
ॐ है !
*ॐ ---परमेश्वर का वो नाम है जो पूरे विश्व के अध्यात्म का केंद्र बिंदु है ----OMNICIENT --सर्वज्ञ ,OMNIPOTENT --
सर्वशक्तिशाली , OMNIPRESENT --सर्व व्यापी -, OMEGA ---प्रभु की ख़ुशी , --- OMAR -- भोला ----ऐसे शब्द हैं जो ॐ की
विश्व व्यापकता की और संकेत करते हैं !
* सिख धर्म कहता है ---एक ओंकार ही सत्य है ---
एको जपो एको सालाहि !
एको सिमरि एको मन आहि,!!
ऐकस के गन गाऊ अनंत !,
मनि तनि जापि एक भगवंत !!
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जैन धर्म का महामंत्र कहता है ----
"ओमणमो ------"-----उस निराकार ओम को नमन !
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* मक्का में मुसलमान संगे अस्वद की उसी प्रकार परिक्रमा ---करते हैं जैसे हम शिव की !
*-- ॐ को ९० अंश घडी की दिशा में घुमाने पर इसको अल्लाह भी पढ़ा जा सकता है !
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* शिव अर्थात ॐ निराकार परमात्मा ही सत्य है -----इस सत्य को मानने से पूरी मानवजाति ईश्वर के नाम पर एक होगी --
यही सत्य पूरी मानव जाति को एक करने की शक्ति रखता है !
* ॐ ही " देवनामधा " ( ऋग्वेद ) -----अर्थात समस्त देवताओं के नाम को धारण करते है ----एक परमात्मा ही समस्त देवताओं फरिश्तों की शक्तियों को धारण करते हैं !
* शिव निराकार परमात्मा है निराकार ब्रह्म हैं -----साकार ब्रह्म के रूप में वो ही ब्रह्मा , विष्णु , शंकर , राम , कृष्ण हैं !
*विश्व शांति का सूत्र है---- "सत्य शिवम सुंदरम"
६-४-२०१९

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