सोमवार, 11 सितंबर 2017

kundaliya

कुण्डलिया :
दन्त-पंक्ति श्वेता रहे.....
संजीव 'सलिल'
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दन्त-पंक्ति श्वेता रहे, सदा आपकी मीत.
मीठे वचन उचारिये, जैसे गायें गीत..
जैसे गायें गीत, प्रीत दुनिया में फैले.
मिट जायें सब झगड़े, झंझट व्यर्थ झमेले..
कहे 'सलिल' कवि, सँग रहें जैसे कामिनी-कंत.
जिव्हा कोयल सी रहे, मोती जैसे दन्त.

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salil.sanjiv@gmail.com, 9425183244
http://divyanarmada.blogspot.com
#हिंदी_ब्लॉगर

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