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मंगलवार, 18 दिसंबर 2012

हाइकु: ममता शर्मा

हाइकु:
ममता शर्मा
*
मस्त पवन 
मिल खिल  भागी तो 
भीगी सबके रंग 
*
बादल झुका
बातों ही बात बोला 
आना मेरे घर भी 
*
चांदनी खिली 
श्वेत पटल दिखा 
चित्र उकेर सखि
*
सूखी नदिया 
चित्र बने हर सूँ 
दुखी चितेरा 
*
घूमता घन 
क्यों चित्र मिटाता 
हवा रंगीली 
*
सूरज उगता है 
मलती धरती आँखें लाल 
चन्दा  तुम यहाँ 
*
गिरते पीले पात 
मौन की भाषा सुन 
नीरव नीड सुनाता 
*
बादल झुका 
बातों ही बात बोला 
आना मेरे घर भी 
*
गागर भरी 
प्रतिबिम्ब दिखा ज्यूं 
लगी आग चन्दा से 
*
बटोही सुन 
भेज बादल यहाँ 
नाव चले इत भी 
*
दावानल  से 
आशियाने बिखरे 
बरसा बादल तब 
*

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