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शनिवार, 28 जनवरी 2017

hindi bhasha samasya aur samadhan

 हिंदी- समस्या और समाधान-
१. भारत में बोली जा रही सब भाषाओँ - बोलियों को संविधान की ८ वीं अनुसूची में सम्मिलित किया जाए ताकि इस मुद्दे पर राजनीति समाप्त हो. 
२. सब भाषाओँ को नागरी लिपि में भी लिखा जाए जैसा गाँधी जी चाहते थे। 
३. हिंदी को अनुसूची से निकाल दिया जाए। 
४. सब हिंदी अकादमी बन्द की जाएँ ताकि नेता - अफसर हिंदी के नाम पर मौज न कर सकें। 
५. भारत की जन भाषा और प्रमुख विश्ववाणी हिंदी को सरकार किसी प्रकार का संरक्षण न दे, कोई सम्मेलन न करे, कोई विश्व विद्यालय न बनाये, किसी प्रकार की मदद न करे ताकि जनगण इसके विकास में अपनी भूमिका निभा सके।
हिंदी के सब समस्याएँ राजनेताओं और अफसरों के कारण हैं। ये दोनों वर्ग हिंदी का पीछा छोड़ दें तो हिंदी जी ही जायेगी अमर हो जाएगी।
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