कुल पेज दृश्य

रविवार, 14 जुलाई 2019

दोहे

दोहे 
*
दोष गैर का देख जब, ऊँगली उठती एक 
तीन कहें निज दोष लख, बन जा मानव नेक
*
जब करते निर्माण हम, तब लाते विध्वंस 
पूर्व कृष्ण के जगत में, आ जाता है कंस
*

कोई टिप्पणी नहीं: