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रविवार, 27 जनवरी 2013

एक कुंडली संजीव 'सलिल'

एक कुंडली
संजीव 'सलिल'
*
मंगलमय हो हर दिवस, दें मुझको आशीष.
'सलिल'-धार निर्मल रखें, हों प्रसन्न जगदीश..
हों प्रसन्न जगदीश, न पानी बहे आँख से.
अधरों की मुस्कान न घटती अगर बाँट दें..
दंगल कर दें बंद, धरा से कटे न जंगल
मंगल क्यों जाएँ, भू का हम कर दें मंगल..

Sanjiv verma 'Salil'
salil.sanjiv@gmail.com
http://divyanarmada.blogspot.com

2 टिप्‍पणियां:

kiran5690472@yahoo.co.in ने कहा…

kiran5690472@yahoo.co.in

Wah Salil Ji,

aap ne ise mangal vichar ko prakati ke saath jod diya. Yani pure jagat ke Kalyan ke baat kahi... Bahut sundar !

sn Sharma ने कहा…

sn Sharma द्वारा yahoogroups.com

हर पल का है इतिहास अलग
पल तो केवल पल भर जीता है
आनंद ,पीर ,सुख की दुःख की
यह जीवन प्रतिपल पीता है
हर पल मंगलमय हो

दादा