शनिवार, 2 नवंबर 2019

सरस्वती वंदना - कन्नड़

सरस्वती वंदना - कन्नड़ 
कृष्णमाचार पद्माचरण 














जन्म - २१-४-१९२० निधन - २२-७-२००२ 
आत्मज - स्व. जनकम्मा - स्व. आसुरी वी. राघवाचार्यलु 
संगीत निदेशन - मलैया मक्कालू, पा-पुण्य। 
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श्रृंगपुराधीश्वरी शारदे!

शुभमंगळे सर्वाभीष्टप्रदे।
शंकर सन्नुते, श्री पद्मचरणे,
सकल कला विशारदे,
सलहेन्न ताये१, सामगान प्रिये।। 
श्रृंगपुराधीश्वरी.... 

करुणिसम्मा!२ श्रुतिगल माते!३   
कमनीय सप्तस्वर पूजिते 
काव्य गान कला स्वरूपिणी
कामित दायिनी कल्याणी जननी।। 
श्रृंगपुराधीश्वरी......
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१. मेरी रक्षा करो हे माँ!, २. कृपा करो, ३. श्रुतिगति आदि की माता!
(साभार: जमुना कृष्णराज)
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हिंदी अनुवाद 
श्रृंगपुर अधीश्वरी शारदे! 

शुभ-मंगलकारिणी, अभीष्टप्रदे! 
जिनके पग पद्म सम, रक्षा करें। 
कलाओं  की तुम्ही हो विशारदे। 
सामगान प्रिय जिन्हें, रक्षा करें। 
श्रृंगपुर अधीश्वरी शारदे!

श्रुतियों की मैया! कृपा करें। 
सत सुर कमनीय, तुम्हें पूजते। 
काव्य गान कला रूप हैं तेरे 
अमित शांतिदात्री माँ कल्याण करें। 
श्रृंगपुर अधीश्वरी शारदे!
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