शनिवार, 29 जून 2019

दोहा नीति का

एक दोहा नीति का अपने विचार लिखें.
ज्ञानवती दीक्षित:
एक अच्छा सा श्लोक पढा।आपको भी पढवाती हूँ ।
व्याघ्रानां महत् निद्रा, सर्पानां च महद् भयम् ।
ब्राह्मणानाम् अनेकत्वं, तस्मात् जीवन्ति जन्तवः ।।
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शेरों को नींद बहुत आती है, सांपों को डर बहुत लगता है, और ब्राह्मणों में एकता नही है, इसीलिए सभी जीव जी रहे है ।
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नाहर को निंदिया बहुत, नागराज भयभीत।
फूट विप्र में हुई तो, गयी जिंदगी जीत।। -सलिल
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