रविवार, 13 मार्च 2016

laghukatha

लघुकथा- 
कुत्ते की पूँछ
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विश्वविद्यालय में देश के संविधान का मखौल बनाने के बाद, न्यायालय में खुद को निर्दोष बताकर, करतूतों के लिये पश्चाताप व्यक्त करना और विश्वविद्यालय में सेना पर लांछन लगाकर क्या बताना चाहता है छात्र संघ अध्यक्ष? मित्र ने पूछा।
'यही कि कुत्ते की पूँछ कभी सीधी नहीं होती' मैंने कहा।

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