स्तम्भ menu

Drop Down MenusCSS Drop Down MenuPure CSS Dropdown Menu

शनिवार, 5 अक्तूबर 2013

durga stuti -kusum thakur


  भगवती प्रार्थना
- कुसुम ठाकुर -
माँ मैं तो हारी] आई शरण तुम्हारी
अब जाऊँ किधर तज शरण तुम्हारी 

दर भी तुम्हारा लगे मुझको प्यारा
 तजूँ मैं कैसे अब शरण तुम्हारी 
माँ ....................
मन मेरा चंचल, धरूँ ध्यान कैसे
बसो मेरे मन मैं शरण तुम्हारी 
माँ ....................]]

जीवन की नैया मझधार में है, 
पार उतारो मैं शरण तुम्हारी
माँ ....................

तन में न शक्ति करूँ मन से भक्ति 
अब दर्शन दे दो मैं शरण तुम्हारी 
माँ ....................

कोई टिप्पणी नहीं: