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मंगलवार, 21 सितंबर 2010

नवगीत: मेघ बजे.... संजीव 'सलिल'

नवगीत:

मेघ बजे....

संजीव 'सलिल'
*
मेघ बजे, मेघ बजे,
मेघ बजे रे!
धरती की आँखों में,
स्वप्न सजे रे...
*
सोई थी सलिला.
अंगड़ाई ले जगी.
दादुर की टेर सुनी-
प्रीत में पगी..

मन-मयूर नाचता,
न वर्जना सुने.
मुरझाये पत्तों को,
मिली ज़िंदगी..

झूम-झूम झर झरने,
करें मजे रे.
धरती की आँखों में,
स्वप्न सजे रे...
*
कागज़ की नौका,
पतवार बिन बही.
पनघट-खलिहानों की-
कथा अनकही..

नुक्कड़, अमराई,
खेत, चौपालें तर.
बरखा से विरह-अगन,
तपन मिट रही..

सजनी पथ हेर-हेर,
धीर तजे रे!
धरती की आँखों में,
स्वप्न सजे रे...
*
मेंहदी उपवास रखे,
तीजा का मौन.
सातें-संतान व्रत,
बिसरे माँ कौन?

छत्ता-बरसाती से,
मिल रहा गले.
सीतता रसोई में,
शक्कर संग नौन.

खों-खों कर बऊ-दद्दा,
राम भजे रे!
धरती की आँखों में,
स्वप्न सजे रे...
*****************

रविवार, 12 सितंबर 2010

मुक्तिका कुछ भला है..... संजीव 'सलिल'

मुक्तिका                                                   

कुछ भला है.....                                                                                               

संजीव 'सलिल'
*
जो  उगा  है, वह  ढला है.
कुछ बुरा है, कुछ भला है..

निकट जो दिखते रहे हैं.
हाय!  उनमें  फासला  है..

वह  हुआ जो  रही  होनी
जो न चाहा क्या टला है?

झूठ  कहते - चाहते सच
सच सदा सबको खला है..

स्नेह के सम्बन्ध नाज़ुक
साध  लेना  ही  कला  है..

मिले  पहले, दबाते  फिर
काटते वे क्यों?  गला है..

खरे  की  है  पूछ अब कम
टका  खोटा  ही  चला  है..

भले  रौशन  हों   न  आँखें
स्वप्न  उनमें  भी  पला है..

बदलते    हालात    करवट
समय  भी  तो  मनचला है.. 

लाख़   उजली   रहे   काया.
श्याम  साया  दिलजला  है..

ज़िंदगी  जी  ली,  न  समझे
'सलिल' दुनिया क्या बला है..
*********************
http://divyanarmada.blogspot.com

शुक्रवार, 14 मई 2010

रोचक प्रसंग: क्या कहते हैं अपने सपने?... ---सतीश शर्मा


 
1. स्वप्न मेे कोई देवता दिखाई दे तो लाभ के साथ-साथ सफलता मिलती है।
2. स्वप्न में कोई व्यक्ति गौमाता के दर्शन करता है यह अत्यन्त शुभ होता
है। उस व्यक्ति को यश, वैभव एवं परिवार वृद्घि का लाभ मिलता
     है।
3. स्वप्न में गाय का दूध दोहना धन प्राçप्त का सूचक है।
4. सफेद घोडे का दिखाई देना-सुन्दर भाग्य के साथ-साथ धन की प्राप्ति कराता है।
5. स्वप्न में चूहों का दिखाई देना उत्तम भाग्य का प्रतीक माना जाता है जो धन प्रदायक है।
6. स्वप्न में नीलकण्ठ या सारस दिखता है उसे राज सम्मान के साथ-साथ धन लाभ भी होता है।
7. स्वप्न में क्रोंच पक्षी दिखने पर अनायास धन प्राçप्त होती है।
8. यदि मरी हुई चिç़डया दिखाई दे तो अनायास ही धन लाभ होता है।
9. स्वप्न में तोते को खाता हुआ देखना प्रचूर मात्रा में धनप्राçप्त माना जाता है।
10. स्वप्न में यदि घोंघा दिखाई दे तो व्यक्ति के वेतन में वृद्घि तथा व्यापार में लाभ होता है।
11. स्वप्न में सफेद चीटियाँ धन लाभ कराती हंै।
12. स्वप्न में काले बिच्छू का दिखना धन दिलवाता है।
13. स्वप्न में नेवले का दिखाई देना स्वर्णाभूषण की प्राçप्त करवाता है।
14. मधुमक्खी का छत्ता देखना शुभ शकुन है जो धन प्रदायक है।
15. सर्प को फन उठाये हुये स्वप्न में देखना धन प्राçप्त का सूचक होता है।
16. सर्प यदि बिल में जाता या आता हुआ दिखाई दे तो यह अनायास धन प्राçप्त का सूचक होता है।
17. स्वप्न में आम का बाग देखना या बाग में घूमना अनायास धन की प्राçप्त करवाता है।
18. स्वप्न में कदम्ब के वृक्ष को देखना बहुत ही शुभ होता है जो व्यक्ति
को धन-दौलत निरोगी काया मान सम्मान एवं राजसम्मान की प्राçप्त करवाता है।
19. यदि हाथ की छोटी अंगुली में अंगूठी पहनें तो अनायास ही धन की प्राçप्त।
20. स्वप्न में कानों में कुण्डल धारण करना शुभ शकुन होता है जो धन प्राçप्त कराता है।
21. स्वप्न में नर्तकी नृत्य करती दिखाई दें तो यह धन प्रदायक है।
22. सफेद चूडियां देखना धन आगमन का सूचक है।
23. स्वप्न से कुमुद-कुमुदनी को देखना धनदायक होता है।
24. स्वप्न में किसान को देखना धन लाभ कराता है।
25. स्वप्न में गौ, हाथी, .........

सौजन्य: :  .http://www.satishsharma.com/index.php?page_type=hindi-articles&...