सोमवार, 6 मई 2013

HINDI RHYME: SHUBH PRABHAT SANJIV

बाल गीत:
शुभ प्रभात
संजीव 'सलिल' 
***
 

शुभ प्रभात, गुड मोर्निंग,
आओ! खेलें खेल।
उछलें-कूदें, नाचें-गायें-
रख आपस में मेल।
*
कलियों से सीखें मुस्काना,
फूलों से नित खिलना।
चिड़ियों से सीखें संग रहना-
आसमान में उड़ना।
चलो! तोड़ दें बैर-भाव की-
मिलकर आज नकेल…
*
हरियाली दे शुद्ध हवा हँस,
बादल देता छैयां।
धूप अँधेरा हरकर थामे-
उजियारे की बैयां।
कोयल कहती मीठा बोलो
छोडो दूर झमेल
*


2 टिप्‍पणियां:

vijay3@comcast.net ने कहा…

viavijay3@comcast.net

मनोहारी बाल गीत के लिए बधाई।

सादर,

विजय

kusumvir@gmail.com ने कहा…

मैं तो बस यही सोचती हूँ कि आचार्य जी इतनी सुन्दर रचना कैसे करते हैं l
अवश्य ही माँ शारदे आपकी तूलिका में स्वयं रंग भरती होंगी l
आपका आशीर्वाद हुआ तो दोहा अवश्य लिखूँगी l

सादर,
कुसुम वीर