कृष्ण भजन:
हे श्यामसुंदर...

स्व. शांति देवी वर्मा
*
हे श्यामसुंदर! हे मनमोहना! चरणों में अपने बुला लेना.
कर नजर दयामय मधुसूदन, मन भावन झलक दिखा देना...
*
नंदलाल मैं तेरी सेवा करूँ, तेरी सांवरी सूरत दिल में धरूँ.
न्योछावर माधुरी मूरत पर, चरणों में शरण सदा देना...
*
नयनों में तेरा ही ध्यान रहे, कानों में गुंजित गान रहे.
मम हृदय में तेरा ही ध्यान रहे, भाव सागर पार करा देना...
*
तुम चक्र सुदर्शनधारी हो, गिरधारी हो बनवारी हो.
गोपाल, कृष्ण, कान्हा, नटवर, मुरली की तान सुना देना...
*
भारत में फिर प्रभु आ जाओ, गीता का ज्ञान करा जाओ.
माया से मुक्ति दिल जाओ, सुख-'शांति' अमिय बरसा देना...
***
Acharya Sanjiv verma 'Salil'
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हे श्यामसुंदर...
स्व. शांति देवी वर्मा
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हे श्यामसुंदर! हे मनमोहना! चरणों में अपने बुला लेना.
कर नजर दयामय मधुसूदन, मन भावन झलक दिखा देना...
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नंदलाल मैं तेरी सेवा करूँ, तेरी सांवरी सूरत दिल में धरूँ.
न्योछावर माधुरी मूरत पर, चरणों में शरण सदा देना...
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नयनों में तेरा ही ध्यान रहे, कानों में गुंजित गान रहे.
मम हृदय में तेरा ही ध्यान रहे, भाव सागर पार करा देना...
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तुम चक्र सुदर्शनधारी हो, गिरधारी हो बनवारी हो.
गोपाल, कृष्ण, कान्हा, नटवर, मुरली की तान सुना देना...
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भारत में फिर प्रभु आ जाओ, गीता का ज्ञान करा जाओ.
माया से मुक्ति दिल जाओ, सुख-'शांति' अमिय बरसा देना...
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