गुरुवार, 26 सितंबर 2019

सरस्वती वंदना नवीन चतुर्वेदी

नवीन सी. चतुर्वेदी
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जन्म - २७ अक्टूबर १९६८, मथुरा, उ.प्र. 
आत्मज - श्रीमती पुष्पा देवी - श्री छोटु भाई। 
जीवन संगिनी - श्रीमती रेखा। 
शिक्षा - वाणिज्य स्नातक। 
संप्रति व्यवसाय, मुम्बई। 
प्रकाशन - पुखराज हवा में उड़ रए एँ (प्रथम ब्रज-गजल संग्रह), ब्रज गजल संग्रह। 
उपलब्धि - अंतरजाल पर विविध भाषाओँ-बोलिओं में छंद सृजन, बृज ग़ज़ल के प्रणेता।
संपर्क - ई २ हाइवे पार्क, ठाकुर काम्प्लेक्स, कांदिवली पूर्व, मुम्बई ४००१०१। 
चलभाष - ९९६७०२४५९३। ईमेल - navincchaturvedi@gmail.com ।
मातु सरस्वती वंदना

पद्मासनासीना, प्रवीणा, मातु, वीणा-वादिनी।
स्वर-शब्द-लय-सरगम-समेकित, शुद्ध-शास्वत-रागिनी॥
सब के हृदय सन्तप्त हैं माँ! निज-कृपा बरसाइये।
भटके हुए संसार को माँ! रासता दिखलाइये॥

यति-गति समो कर ज़िन्दगी में, हम सफल जीवन जिएँ।
स्वच्छन्द-सरिता में उतर कर, प्रेम का अमृत पिएँ॥
व्यवहार में भी व्याकरण सम, शुद्ध-अनुशासन रहें।
सुन कर जिन्हें जग झूम जाए, हम वही बातें कहें॥

इक और छोटी सी अरज है, शान्ति हो हर ठौर में।
परिवार के सँग हम खुशी से, जी सकें इस दौर में॥
कह दीजिये अपनी बहन से, रह्म हम पर भी करें।
हे शारदे! वर दीजियेगा, हम सरसता को वरें॥
(छंद हरिगीतिका)
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