शुक्रवार, 8 अगस्त 2014

जन्म कुंडली :

जन्म कुंडली :



पहला घर : लग्नेश : शरीर, वर्ण, चिन्ह, आयु, कद, सुख-दुख, जाति, कुल आदि.
दूसरा घर : धनेश : संपत्ति सेवक, वाहन, दाहिनी आँख, गला, मुख आदि.
तीसरा घर : पराक्रमेश : स्वजन, बल, भाई-बहिन, मित्र, पड़ोसी, दास आदि.
चौथा घर : सुखेश : पैतृक संपत्ति, वाहन, माता-पिता आदि.
पाँचवाँ घर : पुत्रेश : पुत्र, शिष्य, नीति, विचार, शक्ति आदि.
छठवाँ  घर : रोगेश : शत्रु, रोग, पशु, मां, कष्ट, घाव, चोट आदि.
सातवाँ घर : जायेश : जीवन संगी, विवाह, वाद-विवाद, यात्रा, मृत्यु आदि.
आठवाँ घर : रन्ध्रेश : आयु, मृत्यु समय कारण, चोरी, संकट, ऋण आदि.
नौवाँ घर : भाग्येश : धर्म, परोपकार, दान, तीर्थ आदि.
दसवाँ घर : राज्येश : कर्म, आजीविका, कृषि, स्वामित्व आदि.
ग्यारहवाँ घर : लाभेश : धन, संतोष, अग्रज आदि.
बारहवाँ घर : व्ययेश : धनद, दुर्गति, खर्च, पतन, विवाद आदि.

1 टिप्पणी:

BLOGPRAHARI ने कहा…

आपका ब्लॉग देखकर अच्छा लगा. अंतरजाल पर हिंदी समृधि के लिए किया जा रहा आपका प्रयास सराहनीय है. कृपया अपने ब्लॉग को “ब्लॉगप्रहरी:एग्रीगेटर व हिंदी सोशल नेटवर्क” से जोड़ कर अधिक से अधिक पाठकों तक पहुचाएं. ब्लॉगप्रहरी भारत का सबसे आधुनिक और सम्पूर्ण ब्लॉग मंच है. ब्लॉगप्रहरी ब्लॉग डायरेक्टरी, माइक्रो ब्लॉग, सोशल नेटवर्क, ब्लॉग रैंकिंग, एग्रीगेटर और ब्लॉग से आमदनी की सुविधाओं के साथ एक सम्पूर्ण मंच प्रदान करता है.
अपने ब्लॉग को ब्लॉगप्रहरी से जोड़ने के लिए, यहाँ क्लिक करें http://www.blogprahari.com/add-your-blog अथवा पंजीयन करें http://www.blogprahari.com/signup .
अतार्जाल पर हिंदी को समृद्ध और सशक्त बनाने की हमारी प्रतिबद्धता आपके सहयोग के बिना पूरी नहीं हो सकती.
मोडरेटर
ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क