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सोमवार, 24 दिसंबर 2012

रोचक चर्चा: अंतरजाल पर लड़कियां और उनकी तस्वीरें

रोचक चर्चा:
अंतरजाल पर लड़कियां और उनकी तस्वीरें

किसी लड़की की फ्रैंड रिक्वेस्ट आई है और खूबसूरत चेहरा प्रोफाइल में लगा है तो ध्यान रखें वो फर्जी खाता भी हो सकता है।

.ऐसा भी हो सकता है कि कोई आपका मित्र ही किसी खूबसूरत चेहरे की आड़ में आपके दिल की धड़कन बढ़ा रहा हो। यदि आप फेसबुक सिर्फ लड़कियों से मिलने के लिए लॉगइन कर रहे हैं तो समझ लीजिए की आपके बेवकूफ बनने के चांस ज्यादा है।

.यदि फेसबुक पर लड़कियों की तस्वीरें उनके बारे में बहुत कुछ कहती हैं। जानिए फेसबुक पर लड़कियों की प्रोफाइल तस्वीर उनके बारे में क्या कहती है...

# यदि वो बेहद खूबसूरत है और उसके फ्रैंड लिस्ट में एक हजार से अधिक लोग हैं जिनमें अधिकतर पुरुष हैं तो उसे तुरंत अपनी फ्रैंड लिस्ट से डिलीट कीजिए...क्योंकि वो प्रोफाइल फर्जी है

# यदि प्रोफाइल तस्वीर में कैटरीना या करीना मुस्कुरा रही है और फ्रैंड लिस्ट में 200 के आसपास लोग हैं तो समझ लीजिए आपकी दोस्त शर्मीली या थोड़ा कम खूबसूरत है या फिर दोनों।

# यदि उसके गले में बाहें डाले कोई लड़का भी है तो आगे बढ़ जाइये, वो पहले ही किसी और की हो चुकी है।

# यदि प्रोफाइल तस्वीर में एक से ज्यादा लड़कियां हैं तो वो उनमें सबसे कम खूबसूरत है। सुंदर लड़कियों के बीच में सभी सुंदर लगती

हैं इसलिए ही उसने वो तस्वीर लगाई है।

# यदि तस्वीर में सिर्फ चेहरा दिख रहा है वो भी साइड एंगल से तो समझ लीजिए आपके सपनों की महबूबा थोड़ा (या बहुत ज्यादा) मोटी है।

# यदि तस्वीर दूर से ली गई है और वो उसमें पूरी दिख रही है तो समझ लीजिए प्रोफाइल फर्जी नहीं है, आप कोशिश करके बात आगे बढ़ा सकते हैं।

# यदि प्रोफाइल तस्वीर में केक, दिल, कोई मुस्कुराता हुआ बच्चा, टेडी बियर या लव मैसेज है तो समझ लीजिए की वो कोई किशोरी

है जो अभी भी बचपने में जी रही है। ऐसा भी हो सकता है कि वो कोई युवती ही हो लेकिन दिमाग से बच्ची हो।

# यदि तस्वीर कुछ ज्यादा ही बदसूरत है तो जल्दी से बैक बटन दबा दीजिए इससे पहले कोई आपको रंगे हाथों पकड़े। (वैसे अगर आप उसे फ्रैंड रिक्वेस्ट भेजेंगे तो मामला जल्द ही बन सकता है, बशर्ते आप उसके लिए राजी हो)

# यदि तस्वीर में बेहद खूबसूरत चेहरा मुस्कुरा रहा है और सभी प्रोफाइल जानकारी छुपी हुई है तो ये वो ही लड़की है जिसकी तलाश आपको हैं। लेकिन शायद ही वो आपकी फ्रैंड रिक्वेस्ट स्वीकार करे। अब इतनी खूबसूरत लड़की के करीब जाना है तो थोड़ी मेहनत तो करनी ही पड़ेगी ना....

# यदि तस्वीर में कोई छोटा बच्चा मुस्कुरा रहा है तो जिसे आप दोस्त बनाने के बारे में सोच रहे हैं वो निश्चित ही उस बच्चे की मां है।

# शादी की एलबम की तस्वीर यदि प्रोफाइल पिक में लगी है तो फिर कुछ कहने की जरूरत ही नहीं है।

यही सोच रहे हैं ना कि लड़कियों की प्रोफाइल पिक के बारे में इतना पढ़कर आपकी फ्रैंड लिस्ट से कितनी दोस्त कम होने जा रही हैं !!!

नव वर्ष ..... कीर्तिवर्धन

नव वर्ष .....
कीर्तिवर्धन
*
दीप जलें,तमस टले,प्रकाश का आगमन हो,
खुशियाँ हों, शुभ सन्देश मिलें,नूतन वर्ष सनातन हो|
जी हाँ यही अवधारणा है भारतीय नववर्ष की लेकिन जिस अंग्रेजी नव वर्ष को समपर्ण विश्व धूम धाम से मना रहा है और भारतीय भी अंधे होकर उसकी जय कर कर रहे हैं क्या आप उसका इतिहास जानते हैं?
क्या है ग्रेगरियन कलेंडर आओ जाने......
सबसे पहले रोमन सम्राट रोमुलस ऩे अपने राज्य की काल गणना के लिए कलेंडर बनाया जिसमे सिर्फ १० महीने थे| जनवरी व फरवरी उसमे नहीं थे| यानी पहला महीना मार्च था जो भारतीय काल गणना के मुताबिक ही था|बाद मे सम्राट पोम्पिलस ऩे जनवरी और फरवरी को उसमे जोड़ा और यह दोनों दिसंबर के बाद यानि ११ व १२ महीना बने|
बाद मे जुलियस सीज़र जब जनवरी महीने मे सम्राट बना तो उसने जनवरी को ही पहला महीना घोषित कर दिया और दिसंबर को १२वा | प्रारंभ मे कलेंडर का ५वा महीना क्वितिलस था फिर यह ७ वा महीना बन गया|इसी महीने मे जुलिअस सीज़र का जन्म दिन था तो क्वितिलस का नाम बदल कर जुलाई कर दिया गया|
जुलिअस सीज़र के बाद ईसा से ३७ वर्ष पूर्व ओक्टेबियन रोम का सम्राट बना| उसके अच्छे कार्यों के लिए उसे इपेरेटर तथा आगस्टस की उपाधि प्रदान की गयी ,जिसका अर्थ मुखिया तथा पवित्र होता है| अब तक वर्ष के ८वे महीने का नाम सैविस्तालिस था ,अब इसे बदल कर आगस्टस ओक्तेवियाँ के नाम पर अगस्त कर दिया गया|
एक और मजेदार बात अब तक ८वे महीने मे ३० दिन होते थे और ७वे महीने मे ३१ दिन| क्योंकि ७ वा महीना जुलिअस सीज़र के नाम था और उसमे ३१ दिन और वर्तमान राजा के नाम पर ३० दिन,इसलिए फरवरी के २९ दिन मे से १ दिन काट कर अगस्त मे जोड़ दिया गया| अब आप बताएं क्या आधार है इस अंग्रेजी कलेंडर का?
कुछ और भी मजेदार बातें जान ले.....
.मार्च ...युद्ध और शान्ति के रोमन देवता मार्तियुस से बना ,इसीलिए इसे पहला महीना माना गया था|
अप्रैल ...रोमन शब्द अप्रिलिस से बना ,यह रोमन देवी अक्रिरिते के नाम पर है|
मई.....बसंत की देवी मेईया के नाम पर है|
जून ..रोमन स्वर्ग की देवी व देवराज जीयस के पत्नी जूनो के नाम पर|
जुलाई....हमने पहले ही बताया जुलिअस सम्राट के नाम पर |
अगस्त...यह भी ऊपर लिख चुके हैं सम्राट के नाम पर|
एक मजेदार बात और भी देखें....
सितम्बर..यह सेप्टेम शब्द से बना जिसका अर्थ होता है सातवाँ ,और यह पहले ७वा महीना ही था जिसे बाद मे ९वा बना दिया गया|
अक्टूबर ..यह ओक्टोवर शब्द से बना जिसका अर्थ आठ होता है,यह भी पहले ८व महिना ही था|
नवम्बर... यह नोवज़ शब्द से बना और इसका अर्थ भी नौ ही है,बाद मे इसे ११वा महीना बना दिया गया|
दिसंबर ..यह लातिन शब्द दसम अर्थात दसवां से बना है और पहले १०वा ही था|
जनवरी..जो पहले ११वा महीना था ,रोमन देवता जानुस के नाम पर जैनरियुस शब्द से बना |
फरवरी...लेटिन के फैबु और एरियास का रूप है,जिसका अर्थ शुद्ध करना है|रोमन सभ्यता मे इस महीने को आत्म शुद्धी तथा प्रायश्चित का महीना मानते थे|
इतना ही नहीं सन १७५२ मे २ तारीख के बाद सीधे १४ तारीख का प्रावधान कर इस कलेंडर को संसोधित किया गया|सितम्बर १७५२ मे इस कलेंडर मे मात्र १९ दिन ही थे|
भारत मे इस कलेंडर की शुरुआत अंग्रेजों के कार्यकाल मे हुई|
(इस जानकारी के लिए अनेकों पुस्तकों अभिलेखों तथा श्री नरेंदर संगल,ओरिएंटल बैंक से प्राप्त जानकारी का उपयोग किया गया है|)
डॉ अ कीर्ति वर्धन
९९११३२३७३२

शनिवार, 22 दिसंबर 2012

गीत: नया वर्ष है... संजीव 'सलिल'


गीत: नया वर्ष है... संजीव 'सलिल'

गीत:
नया वर्ष है...
संजीव 'सलिल'
*
खड़ा मोड़ पर आकर फिर
एक नया वर्ष है...
*
कल से कल का सेतु आज है यह मत भूलो.
पाँव जमीं पर जमा, आसमां को भी छू लो..

मंगल पर जाने के पहले
भू का मंगल -
कर पायें कुछ तभी कहें
पग तले अर्श है.
खड़ा मोड़ पर आकर फिर
एक नया वर्ष है...
*
आँसू न बहा, दिल जलता है, चुप रह, जलने दे.
नयन उनीन्दें हैं तो क्या, सपने पलने दे..

संसद में नूराकुश्ती से
क्या पाओगे?
सार्थक तब जब आम आदमी
कहे हर्ष है.
खड़ा मोड़ पर आकर फिर
एक नया वर्ष है...
*
गगनविहारी माया की ममता पाले है.
अफसर, नेता, सेठ कर रहे घोटाले हैं.

दोष बताएं औरों के
निज दोष छिपाकर-
शीर्षासन कर न्याय कहे
सिर धरा फर्श है.
खड़ा मोड़ पर आकर फिर
एक नया वर्ष है...
*
धनी और निर्धन दोनों अधनंगे फिरते.
मध्यमवर्गी वर्जनाएं रच ढोते-फिरते..

मनमानी व्याख्या सत्यों
की करे पुरोहित-
फतवे जारी हुए न लेकिन
कुछ विमर्श है.
खड़ा मोड़ पर आकर फिर
एक नया वर्ष है...
*
चले अहर्निश ऊग-डूब कब सोचे सूरज?
कर कर कोशिश फल की चिंता काश सकें तज..

कंकर से शंकर गढ़ना हो
लक्ष्य हमारा-
विषपायी हो 'सलिल'
कहें: त्यागा अमर्श है.
खड़ा मोड़ पर आकर फिर
एक नया वर्ष है...
*