रविवार, 14 जुलाई 2019

दोहे

दोहे 
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दोष गैर का देख जब, ऊँगली उठती एक 
तीन कहें निज दोष लख, बन जा मानव नेक
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जब करते निर्माण हम, तब लाते विध्वंस 
पूर्व कृष्ण के जगत में, आ जाता है कंस
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