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गुरुवार, 23 जुलाई 2020

मानव मित्र वृक्ष

मानव मित्र वृक्ष 

भारतीय श्री जगदीशचंद्र बोस ने सबसे पहले एक यंत्र  क्रैसकोग्राफ बनाया था जो कि पेड़ों का बढ़ना माप सकता है।  यह उपकरण उन्होंने मात्र ३०० रूपए के साज-समान से बनाया था जिसे कि   नाम दिया गया l
एक पेड़ सालाना लगभग २००० लीटर पानी धरती में से चूस लेता है l एक पूरी तरह से विकसित पेड़ की कीमत लगभग ५,००० रु. से ५०,००० रु. तक होती हैl पेड़ अपनी १०% खुराक मिट्टी से तथा  ९०% प्रतिशत हवा से लेते हैंl एक साधारण पेड़ प्रतिदिन पाँच मनुष्यों हेतु आवश्यक ऑक्सीजन की पूर्ति करता हैl एक पेड़ अपने पूरे जीवन काल के दौरान लगभग १,००० किलो कार्बनडाईआक्साइड सोखता हैl
जो मरीज जो अस्पताल के कमरे से हरे-भरे पेड़ों को देखता है, उसकी तबीयत में जन्दी-जल्दी सुधार होता हैl  एक पूर्ण विकसितवृक्ष एक नए लगाए गए पौधे की अपेक्षा ७० गुना ज्यादा पर्यावरण (वातावरण) को साफ रखता हैl एक पेड़ एक साल में जितनी कार्बन सोखता है उतनी कार्बन एक कार ४१,६०० किलोमीटर चलने के बाद पैदा करती हैl 
दुनिया के ८०% जंगल काट दिए गए हैं। अंग्रेजों के आने से पहले उत्तर भारत भी ज्यादातर जंगलो से घिरा हुआ थाl विश्व में पेड़ों की २०,००० प्रजातियाँ पाई जाती हैंl भारत में पेड़ों की सर्वाधिक प्रजातियाँ मिलती हैं। अमरीका दूसरे स्थान पर हैl एक बड़े समाचार पत्र का दैनिक संस्करण बनने में ५०० पेड़ों की लकड़ी से बना कागज़ लग जाता हैl हर एक किताब जो आप ने कभी पढ़ी थी किसी समय वह एक पेड़ थीl
अमेजन बेसिन सबसे बड़ा क्षेत्र है जो कि वनों के अधीन है, यह लगभग ३,३०,०७५ वर्ग किलोमीटर है जो कि महाराष्ट्र (३,०७,७१३ वर्ग किलोमीटर) से थोड़ा ज्यादा हैl एक औसत अमरीकी नागरिक हर साल २५० किलो पेपर का उपयोग करता हैl अमरीका के ९५% घर लकड़ी के बने हैl अमरीका के ३२ करोड़ नागरिक औसतन सालाना एक १०० फुट लंम्बे पेड़ का उपयोग अपनी कागज और घर की जरूरतों को करने के लिए करते हैं। 
पेड़ कभी भी बड़ी उम्र की वजह से नही मरते हैंl वह हमेशा बीमारी, कीड़ों या फिर मनुष्य की वजह से ही मरते हैl कोलकाता में एक वृक्ष है जिसकी आयु २,००० साल से ज्यादा हैl अमृतसर के हरिमंदिर साहिब में भी एक पवित्र वृक्ष है जिसकी आयु ५०० वर्ष हैl

1 टिप्पणी:

Packers And Movers Bangalore ने कहा…
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