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गुरुवार, 16 अप्रैल 2009

एक शे'र : दोस्त -आचार्य संजीव 'सलिल'

ऐ 'सलिल' तू दिल को अब मजबूत कर ले।

आ रहे हैं दोस्त मिलने के लिए॥

2 टिप्‍पणियां:

manu ने कहा…

सच में आ रहे हैं न...?

Yudhisthar raj ने कहा…

आने दो...